तुर्कमानपुर, गोरखपुर
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसी

* परिचय एवं उद्देश्य
* प्रवेश विवरणिका
* स्मृतियाँ
* आपके सुझाव

शिक्षण स्वरूप
इस संस्थान द्वारा हिन्दी माध्यम से भारतीय संस्कार युक्त समुचित शिक्षा विगत 24 वर्षों से योग्य एवम अनुभवी आचार्यों द्वारा प्रदान की जा रही है | कक्षा शिशु लव से अष्टम तक बालक एवम बालिकाओं की सह-शिक्षा के अंतर्गत उनका विकास एवम मार्गदर्शन तथा शारीरिक एवमसांस्कृतिक गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है |
 
प्रबंध समिति की कलम से
भारतीय संस्कार शिक्षा मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय, तुर्कमानपुर विद्यालय परिवार अभिभावको एवम् छात्रो का हार्दिक अभिनंदन करता है | आशा ही नही अपितु हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सब लोगों से विगत अनेक वर्षों में विद्यालय को जो असीम स्नेह एवम् आशीर्वाद प्राप्त हुआ है वह भविष्य में भी प्राप्त होता रहेगा |
शिशु भारती
बच्चों में अनेक गुण एवम् प्रतिभायें हैं जो उसके अंदर सुप्त अवस्था में विद्यमान रहती हैं| अध्ययन के औपचारिक वातावरण से उनका विकास होना कठिन है| अतः ऐसी शक्तियों के प्रकटीकरण के लिए प्राथमिक वर्ग के भैया/ बहिनों के सम्यक विकास हेतु शिशु भारती का एवम् पूर्व माध्यमिक कक्षा के भैया बहिनों हेतु बाल भारती का गठन होता है|
 
प्राचीन छात्र
प्राचीन छात्र संगठन का उद्देश्य अपने वाक्य में ही निहित है और इंगित करता है कि इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर चुके छात्र /छात्राओ को अपनी प्राचीन स्मृतियाँ और संस्कारों को अपने मानस पटल पर एक बार पुनः अंकित करने का एक मिलन स्थल है | हम एक स्थान पर आते है, अपने प्राचीन सहपाठियों से मिलते हैं, प्राचीन बातों का स्मरण करतें हैं|