तुर्कमानपुर, गोरखपुर
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसी

* परिचय एवं उद्देश्य
* प्रवेश विवरणिका
* स्मृतियाँ
* आपके सुझाव

प्राचीन छात्र

प्राचीन छात्र संगठन का उद्देश्य अपने वाक्य में ही निहित है और इंगित करता है कि इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर चुके छात्र /छात्राओ को अपनी प्राचीन स्मृतियाँ और संस्कारों को अपने मानस पटल पर एक बार पुनः अंकित करने का एक मिलन स्थल है | हम एक स्थान पर आते है, अपने प्राचीन सहपाठियों से मिलते हैं, प्राचीन बातों का स्मरण करतें हैं, नवीन की जानकारी होती है | हम अपनी मधुर स्मृतियों को प्रतिवर्ष किसी ना किसी माध्यम से मिलकर नवीनीकरण करते रहतें हैं, जिससे आपस का स्नेह प्रगाढ़ होता है | इसका हमें यह लाभ मिलता है की हम धरती पर कहीं भी रहें यदि अचानक भेंट होती है तो इन्ही स्मृतियों के सहारे एक नवीन स्थान पर भी हम अजनबी होकर भी उस स्थान की धारा में अपने आप को समरस पाते हैं |

हमारे प्राचीन छात्र संगठन की सार्थकता भी इसी में है, साथ ही विद्यालय अपने प्राचीन छात्र से कुछ अपेक्षा भी करता है | जिस प्रकार हम अपना और अपने परिवार के विकास एवम् समृद्धि की चिंता एवम् सहयोग करते है उसी प्रकार विद्या के मंदिर को भी विकसित करने हेतु हर प्रकार का प्रयास एवम् सहयोग करना चाहिए |

हम अपने प्राचीन छात्रो का अपने विद्यालय में स्वागत करते हैं, अपने छात्रो का आह्वान करते हैं की विद्यालय में जब भी कोई छोटा – बड़ा कार्यक्रम हो वे नि:संकोच भाव से आयें और कार्यक्रम को सफल बनाना में सहयोग भी करें | अन्य समय में भी यदि वे आतें हैं तो प्राथमिकता के आधार पर हम संभव सहयोग भी करेंगे | व्यक्तिगत समस्याओं का भी निराकरण यथोचित ढंग से किया जाएगा | यदि किसी प्रकार का विद्यालय की उत्थान से संबंधित सुझाव हो तो भी आप नि:संकोच भाव से कहिए, हो सकता है की आपका सुझाव विद्यालय के विकास में सहयोगी हो |


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