तुर्कमानपुर, गोरखपुर
जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसी

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* प्रवेश विवरणिका
* स्मृतियाँ
* आपके सुझाव

शिशु भारती

बच्चों में अनेक गुण एवम् प्रतिभायें हैं जो उसके अंदर सुप्त अवस्था में विद्यमान रहती हैं | अध्ययन के औपचारिक वातावरण से उनका विकास होना कठिन है | अतः ऐसी शक्तियों के प्रकटीकरण के लिए प्राथमिक वर्ग के भैया/ बहिनों के सम्यक विकास हेतु शिशु भारती का एवम् पूर्व माध्यमिक कक्षा के भैया/बहिनों हेतु बाल भारती का गठन होता है | शिशु भारती एवम् बाल भारती के अंतर्गत निम्न पद होते हैं-

  • अध्यक्ष
  • उपाध्यक्ष
  • मंत्री
  • उपमंत्री
  • सेनापति
  • उप सेनापति

इसके अतिरिक्त

  • वंदना
  • शारीरिक
  • चिकित्सा
  • क्रीड़ा
  • खोया पाया
  • पुस्तकालय
  • उद्यान
  • स्वच्छता एवम् सज्जा
  • घोष
  • जलपान
  • अनुशहासन
  • सांस्कृतिक

आदि विभागों का गठन करके प्रत्येक के लिए भैया / बहिनों को प्रमुख बनाकर आचार्यों के निर्देशन में एक ज़िम्मेदार नागरिक एवम् प्रशासक बनाने का प्रयास किया जाता है|